पैसा (Growth और Prime)
मनी बुक
आपका कैश ड्रॉअर और बैंक अकाउंट, पासबुक की तरह। बिल पेमेंट अपने-आप आते हैं; ख़रीद, ख़र्च और ट्रांसफ़र आपके चुने अकाउंट से जाते हैं।
Growth और Prime में शामिल
- 1
हर अकाउंट जोड़ें — कैश ड्रॉअर, HDFC करंट, PhonePe — शुरू करने के दिन के बैलेंस के साथ।
- 2
बिल पेमेंट अपने-आप आते हैं: कैश ड्रॉअर में, UPI और कार्ड ब ैंक में, जैसा हर अकाउंट में सेट है।
- 3
ख़रीद और सप्लायर पेमेंट उस अकाउंट से जाते हैं जो आप डालते समय चुनते हैं।
- 4
Transfer से अकाउंट के बीच पैसा जाता है — कैश बैंक में जमा, या मालिक का पैसा घर ले जाना।
- 5
किसी अकाउंट को खोलकर हर एंट्री चालू बैलेंस के साथ, महीने-दर-महीने देखें।
उदाहरण
सोमवार सुबह: ड्रॉअर ₹3,000, HDFC ₹2,10,000। रात तक बिलों से ₹9,450 कैश और ₹16,300 UPI आए, ₹6,195 श्री ट्रेडर्स को गए और ₹10,000 कैश जमा हुआ। दोनों बैलेंस बिल्कुल सही।
काम की बातें
- पुराने खाते ला रहे हैं? पहले की शुरुआती तारीख़ रखें और पुरानी एंट्री पिछली तारीख़ से डालें।
- हर पेमेंट तरीका सिर्फ़ एक अकाउंट में जाता है — एक पर टिक करने से वह बाकी से हट जाता है।